Reliance Jio IPO रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स 2026 में अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर हो सकता है, जिसमें कंपनी 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 4 से 4.5 अरब डॉलर जुटाने का प्लान बना रही है।
जियो की ताकतवर बाजार स्थिति
जियो भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, जिसके पास नवंबर 2025 तक 50 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। कंपनी ने हाल ही में नवंबर में 1.2 मिलियन नए वायरलेस सब्सक्राइबर्स जोड़े, जो नौवें महीने लगातार बाजार में लीड कर रही है। जियो ने मोबाइल नेटवर्क से आगे बढ़कर एआई, डिजिटल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में कदम रखा है, जिससे KKR, सिल्वर लेक जैसे बड़े निवेशक आकर्षित हुए हैं।
वैल्यूएशन और फंड रेजिंग का अनुमान
जेफरीज ने नवंबर 2025 में जियो की वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर आंकी है, जिससे 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर करीब 4.5 अरब डॉलर मिल सकते हैं। कुछ बैंकर इसे 200 से 240 अरब डॉलर तक बता रहे हैं, जो फंड जुटाने को और बढ़ा सकता है। यह रकम पिछले साल हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ से भी ज्यादा होगी।
नियामकीय चुनौतियां और टाइमलाइन
भारत में बड़े आईपीओ के लिए अभी कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक को देनी पड़ती है, लेकिन सेबी ने इसे 2.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है, जो बड़े बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के लिए लागू हो सकता है। मुकेश अंबानी ने अगस्त 2025 में 48वीं AGM में कहा कि 2026 की पहली छमाही में लिस्टिंग का लक्ष्य है, बशर्ते सभी मंजूरियां मिलें। मॉर्गन स्टेनली और कोटक महिंद्रा बैंक दस्तावेज तैयार कर रहे हैं।
मजबूत आईपीओ बाजार और भविष्य की संभावनाएं
2025 में भारत का आईपीओ बाजार दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रहा, जो जियो के लिए सही समय है। कंपनी स्टारलिंक जैसी चुनौतियों का सामना करने और एनवीडिया के साथ एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह आईपीओ रिलायंस के लिए वैल्यू अनलॉकिंग का बड़ा कदम साबित होगा।
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